आर्टिकल 15 : जाति पर मुखर होता सिनेमा
    Film Review
    3 weeks ago

    आर्टिकल 15 : जाति पर मुखर होता सिनेमा

    अवनीश पाठक माओत्से तुंग कहते थे- एक चिंगारी ऊंची घास के विशाल मैदानों को जला…
    कबीर सिंह को गुस्सा क्यों आता है?
    Film Review
    3 weeks ago

    कबीर सिंह को गुस्सा क्यों आता है?

    दिनेश श्रीनेत कबीर सिंह के गुस्से में दिक्कत नहीं है। दिक्कत कबीर सिंह के प्रेम…
    चश्मेबद्दूर का ‘चमको सीक्वेंस’, वो मासूमियत भरा प्यार
    Rare
    October 3, 2018

    चश्मेबद्दूर का ‘चमको सीक्वेंस’, वो मासूमियत भरा प्यार

    कुल जमा ये अफ़साना है कि दीप्ति फ़ारूख़ के यहां चमको साबुन का “डेमंस्ट्रेशन” देने…
    पटाखाः इसी लाउडनेस में इसका सौंदर्यबोध है
    Film Review
    October 3, 2018

    पटाखाः इसी लाउडनेस में इसका सौंदर्यबोध है

    ‘पटाखा’ जैसी फिल्में ज्यादा बननी चाहिए। इसलिए नहीं कि यह बहुत कलात्मक फिल्म है या…
    ‘मनमर्जियां’ अनुराग कश्यप की फिल्म नहीं
    Film Review
    September 19, 2018

    ‘मनमर्जियां’ अनुराग कश्यप की फिल्म नहीं

    ‘मनमर्जियां’ अनुराग कश्यप की फिल्म नहीं है। इस फिल्म में अनुराग कश्यप सिरे से गायब…
      आर्टिकल 15 : जाति पर मुखर होता सिनेमा
      Film Review
      3 weeks ago

      आर्टिकल 15 : जाति पर मुखर होता सिनेमा

      अवनीश पाठक माओत्से तुंग कहते थे- एक चिंगारी ऊंची घास के विशाल मैदानों को जला सकती है. जाति ऊंची घास…
      कबीर सिंह को गुस्सा क्यों आता है?
      Film Review
      3 weeks ago

      कबीर सिंह को गुस्सा क्यों आता है?

      दिनेश श्रीनेत कबीर सिंह के गुस्से में दिक्कत नहीं है। दिक्कत कबीर सिंह के प्रेम में है। कबीर (शाहिद कपूर)…
      बिज़नेस वीमेन है तो धूर्त ही होगी, ‘बदला’ में ये भी नहीं बदला है
      Film Review
      March 23, 2019

      बिज़नेस वीमेन है तो धूर्त ही होगी, ‘बदला’ में ये भी नहीं बदला है

      अवनीश पाठक स्पेनिश सिनेमा की एक अपराध कथा बॉलीवुड में दोबारा कही जाती है और अपने नए कहन में वो…
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