चश्मेबद्दूर का ‘चमको सीक्वेंस’, वो मासूमियत भरा प्यार
    Rare
    October 3, 2018

    चश्मेबद्दूर का ‘चमको सीक्वेंस’, वो मासूमियत भरा प्यार

    कुल जमा ये अफ़साना है कि दीप्ति फ़ारूख़ के यहां चमको साबुन का “डेमंस्ट्रेशन” देने…
    पटाखाः इसी लाउडनेस में इसका सौंदर्यबोध है
    Film Review
    October 3, 2018

    पटाखाः इसी लाउडनेस में इसका सौंदर्यबोध है

    ‘पटाखा’ जैसी फिल्में ज्यादा बननी चाहिए। इसलिए नहीं कि यह बहुत कलात्मक फिल्म है या…
    ‘मनमर्जियां’ अनुराग कश्यप की फिल्म नहीं
    Film Review
    September 19, 2018

    ‘मनमर्जियां’ अनुराग कश्यप की फिल्म नहीं

    ‘मनमर्जियां’ अनुराग कश्यप की फिल्म नहीं है। इस फिल्म में अनुराग कश्यप सिरे से गायब…
    वन्स अगेनः पूरे वक्त प्रेम को बुनती एक फिल्म
    Film Review
    September 12, 2018

    वन्स अगेनः पूरे वक्त प्रेम को बुनती एक फिल्म

    वो खट से फोन रखती थी……. तारा. वो फोन पर दूसरी तरफ आंखे मींचे टूँ-टूँ-टूँ…
    डिम्पलः ऑनर किलिंग पर नज़र डालती एक संजीदा कोशिश
    Short Film Review
    September 9, 2018

    डिम्पलः ऑनर किलिंग पर नज़र डालती एक संजीदा कोशिश

    देश के कुछ हिस्से, ख़ास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई इलाक़े…
    पलटनः बॉर्डर न सही, जेपी दत्ता तो हैं
    Film Review
    September 8, 2018

    पलटनः बॉर्डर न सही, जेपी दत्ता तो हैं

    किसी भी क्षेत्र में एक बार कालजयी, बहुप्रशंसित और अत्यधिक सफल मुक़ाम का स्पर्श कर…
      बिज़नेस वीमेन है तो धूर्त ही होगी, ‘बदला’ में ये भी नहीं बदला है
      Film Review
      3 days ago

      बिज़नेस वीमेन है तो धूर्त ही होगी, ‘बदला’ में ये भी नहीं बदला है

      अवनीश पाठक स्पेनिश सिनेमा की एक अपराध कथा बॉलीवुड में दोबारा कही जाती है और अपने नए कहन में वो…
      गली बॉयः अभी कुछ और ‘गैर अभिजात्य’ कहानियां कही जानी बाकी हैं…
      Film Review
      February 17, 2019

      गली बॉयः अभी कुछ और ‘गैर अभिजात्य’ कहानियां कही जानी बाकी हैं…

      सिनेमा के पर्दे पर निम्न मध्यवर्ग की कहानियां बहुत कम कही गई थीं। पिछले कुछ सालों में आई फिल्मों में…
      चश्मेबद्दूर का ‘चमको सीक्वेंस’, वो मासूमियत भरा प्यार
      Rare
      October 3, 2018

      चश्मेबद्दूर का ‘चमको सीक्वेंस’, वो मासूमियत भरा प्यार

      कुल जमा ये अफ़साना है कि दीप्ति फ़ारूख़ के यहां चमको साबुन का “डेमंस्ट्रेशन” देने आई हैं. वे फ़ारूख़ को…
      तू न आए तो क्या भूल जाए तो क्या, प्यार करके भुलाना ना आया हमें
      Music
      October 3, 2018

      तू न आए तो क्या भूल जाए तो क्या, प्यार करके भुलाना ना आया हमें

      इस गाने पर बात करने चलें, उससे पहले तो यही अचरज जतला दें कि आरके बैनर की फ़िल्म और रफ़ी…
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