Category: Music

  • मेड इन इंडिया…

    कहीं से एक लहर उठी और सारी दुनिया झूमने लगी. बीते दो दशकों में सबसे बड़ा कल्चरल चेंज इंडियन पॉपुलर म्यूजिक में देखने को मिलता है. इंडिया ने वेस्टर्न म्यूजिक को एक खास स्टाइल दिया और ग्लोबल आइडेंटिटी बनाई है. बदलाव के बीच बहुत से नाम उभरे, चमके और ग़ायब हो गए. वक्त की लहरें गीली रेत पर कदमों के… Continue reading "मेड इन इंडिया…"

  • मन का रेडियो

    आजकल पुराने दिनों को याद करना एक फैशन सा हो चला है। बहुत पुराने नहीं- यानी रिसेंट पास्ट। फिल्में भी कुछ इसी अंदाज में बन रहीं हैं, वे सत्तर या साठ के दशक में झांकने की कोशिश करती हैं। रेट्रो लुक तो फैशन और डिजाइन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। पश्चिम के पास याद करने को काफी दिलचस्प… Continue reading "मन का रेडियो"

  • एक थी लड़की, नाम था नाज़िया

    यह भारत में हिन्दी पॉप के कदम रखने से पहले का वक्त था, यह एआर रहमान के जादुई प्रयोगों से पहले का वक्त था, अस्सी के दशक में एक खनकती किशोर आवाज ने जैसे हजारों-लाखों युवाओं के दिलों के तार छेड़ दिए। यह खनकती आवाज थी 15 बरस की किशोरी नाज़िया हसन की, जो पाकिस्तान में पैदा हुई, लंदन में… Continue reading "एक थी लड़की, नाम था नाज़िया"

  • छोटी सी बात मुहब्बत की…

    घर लौटते वक्त, कभी कोई काम करते समय या अनायास सड़क से गुजरते हुए… न जाने कितने सालों से यह गीत मैं गुनगुना उठता हूं. बहुत सादा से शब्दों वाले इस प्रेम गीत का न जाने क्या जादू है.. जो कभी खत्म नहीं होता. लगता है कि किसी के दिल से कोई बहुत सीधी-सच्ची सी बात निकली है और अपने… Continue reading "छोटी सी बात मुहब्बत की…"

  • लो दिल की सुनो दुनिया वालों…

    सिनेमा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह अपने आसपास भी एक खूबसूरत सा रचनात्मक संसार रचता हुआ चलता है. मेरे बचपन में ग्रामोफोन के रिकार्ड्स बिक्री और लोकप्रियता के मामले अपने चरम पर पहुंचकर आहिस्ता-आहिस्ता विलुप्त हो गए. मगर अवचेतन में उनके खूबसूरत कलात्मक कवर और उनसे उठता संगीत कहीं गहरे तक धंस गया है. तकनीकी रूप से… Continue reading "लो दिल की सुनो दुनिया वालों…"

  • कल तुमसे ज़ुदा हो जाउंगा

    Get this widget | Share | Track details अपने प्रगतिशील साथियों की तमाम लताड़ सुनने के बावजूद कहीं मेरे भीतर लाइफ की एब्सर्डिटी को लेकर गहरा असंतोष है, जो जब-तब गहरा हो जाता है. यह अवसाद मेरी निजी परेशानियों या तकलीफों से नहीं उपजता… यह कभी भी अपने आसपास को देखते हुए भीतर जाग उठता है. ऐसे में बहुत कम… Continue reading "कल तुमसे ज़ुदा हो जाउंगा"

  • हम तुम कुछ और बंधेंगे

    Powered by eSnips.com जब कभी सिनेमा के बारे में कुछ लिखना चाहता हूं तो दिल यही चाहता है कुछ उन बहुत मामूली सी बातों के बारे में लिखूं जिनका मेरे जीवन में बहुत महत्व रहा है. फिर यह भी ख्याल आता है कि इन बातों में भला किसी की क्या दिलचस्पी हो सकती है, बेहतर हो अगर मैं सिनेमा से… Continue reading "हम तुम कुछ और बंधेंगे"

  • फूलों का तारों का, सबका कहना है

    Get this widget | Track details | eSnips Social DNA कभी-कभी कुछ ऐसे गीत याद आते हैं जो स्मृति पर एक अमिट छाप छोड़ चुके हैं. कुछ ऐसे गीत जो हमारे भीतर एक गहरी नैतिकता विकसित करते हैं, जो कभी थोथे शब्दों से नहीं पैदा होती. यहां मैं उन गीतों का जिक्र करना चाहता हूं जो कुछ खास रिश्तों को… Continue reading "फूलों का तारों का, सबका कहना है"

  • मुबारक, आपको भुला दिया हमने

    कभी तनहाइयों में हमारी याद आएगी, अंधेरे छा रहे होंगे कि बिजली कौंध जाएगी… यह गीत आज भी कभी रेडियो में बजता हुआ सुनाई देता है तो एक गहरी उदासी और किसी के बिछोह की याद से आपका मन भर देता है. किंवदंति है कि जिन दिनों यह गीत पापुलर हुआ था, उसे सुनकर कई हताश प्रेमियों ने सुसाइड कर… Continue reading "मुबारक, आपको भुला दिया हमने"